मै और मेरी आवाज़…

लौट आते है,  हम हर बार तो उस अंधकार से उम्मीद की किरण, साथ हर बार तो रखते है , चीरते लौट आते है उस अंधकार को  जाने इसबार कहाँ खो गये  काला घना , काले से भी काला है ये तो  कोई नज़र नही आता  कोई रौशनी की चिंगारी तक नही  दूर दूर तक … More मै और मेरी आवाज़…

From the heart

उस व्यक्ति का क्या धर्म रहा होगा  जिसने धर्म की परिभाषा की, सिवाय बंटवारे के…. Think about it🤔🤔🤔🤔 ©Mukansu kumar

From the heart

जब से मिला हूँ तुम से, देखते ही तुम्हें आज कल  दिल हमारा तो झलक झलक पर आपकी , धरना दे बैठता है, जैसे कमीना दिल ,दिल न हुआ हमारा, केजरीवाल हो गया😜😜😜 ©Mukansu kumar

From the heart

हारा नही हूँ , ज़िन्दगी  तेरे प्रत्यक्ष आज भी मै ही खड़ा हूँ  तुझ से लड़ रहा हूँ, टुटा हूँ , तन्हा हूँ  लोग मेरी तन्हाई और टूटे मुझ का मजा ले रहे है लेने दो…. नही जानते नादाँ, मेरे वजूद को ललकारते है देखना एक दिन तुझे हरा, हैरां कर दूंगा !! ©Mukansu kumar

From the heart

अब ढूंढती हो एक मुझको तस्वीरों,ख़यालो में  ढूंढती रहो हम चले हमें चाहने वालों के जहाँ में  ©mukansu kumar

From the heart

मजहबो की आड़ में मत छुपाओ, तुम इश्क़ को  … फ़िर एक वक़्त के बाद , किसी सराय का पता पूछते दिखोगे… ©Ajnabee raja @mukansu kumar